भोजपुरी गीत सहेली के होली में आवाज अक्षरा सिंह और आम्रपाली दुबे ने दी। जबकि गाने के बोल मनोज मतलबी ने लिखे हैं। भोजपुरी एल्बम ‘सहेली के होली’ का विडियो गीत वेव म्यूजिक की ओर से प्रस्तुत हैं। इस गीत का म्यूजिक छोटे बाबा ने कंपोज किया हैं।

होली के मौके पर दो सहेलिया एक जगह मिलकर बात चीत कर रही हैं और अपने पतियों के आदत के बारे में बता रही हैं। एक सखी अपने पिया को सोने तरह सुनहरा बता रही हैं वही दूसरी सखी अपने बलम के बारे में बताती हुई उसके गुलाब की तरह कोमल बता रही हैं और दोनों में बहसबाजी हो रही हैं।

Saheli Ke Holi Song Lyrics

सखी होली में बोला भीतर के राज आज खोला
तुहु उगारी बति आइब मर्द के दर्द बतावे
तोहरा संवांगे विचार कइसन
तोहार मर्द के दर्द कइसन
हमरा मर्दवा के मुड़इन जवान होवे सोना के खदान होवे हो
हमरा मर्दवा तो सचु हु नवाब होवे फूलवा गुलाब होवे हो

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ऊपर से ता लड्डू लागे भीतर से रसगुल्ला
खोलके खोलब प्लेन उड़ावे बोले खुलमखुला
छप्पन इंच के सीना राखे ढाई किलो के बाजू
किउह तो किशमिश मांगे उठके जाने काजू
पोर पोर हमरो पे प्राण होवे हो
जान जाने जान के सामान होवे
हमरा मर्दवा के मुड़इन जवान होवे सोना के खदान होवे हो
हमरा मर्दवा तो सचु हु नवाब होवे फूलवा गुलाब होवे हो

भरे फागुन मस्त रहेले पिचकारी के साथै
रसकर रंगो राजा लाता घसले अपने हाथे
बढ़ते फागुन के फनाता चीज मस्त हो जाले
बिना नशा नशाइल रहस हमरे में खोजाले
सिंदुरवा के ललका के निशान होवे हो
हमर सांवर सैया देश के शान होव सोना के खदान होवे हो
प्यार करे में हुओ बेहिसाब होवे फूलवा गुलाब होवे हो

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