Pradeep Pandey chintu a nice actor

हरयाणा में हुए एक बड़े मुद्दे को लेकर प्रदीप पांडेय ‘चिंटू’ ने अपनी बातचीत के दौरान बताया की लोगो को धर्म के प्रति अपनी सोच कैसी रखनी चाहिए। उन्होंने बताया की जो लोग किसी भी बात को धर्म या मजहब से जोड़कर आगे बढ़ाते हैं, दरअसल सबसे पहले वो खुद गलत होते हैं। उनके मुताबिक देश के सामान्य व्यक्ति या भारतीय नागरिक का इस बात से कोई सम्बन्ध नहीं हैं की कौनसा धर्म क्या कर रहा हैं? या कौनसा मजहब क्या कर रहा हैं?

हर धर्म या मजहब यही सिखाता हैं की आप आपस में हमेशा प्रेम, एकता व भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत कीजिये। और हर व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए की विपरीत परिस्थियों में भी प्रेम भाव का वातावरण बना रहे। आज हर एक व्यक्ति की यही सोच हैं की उनके परिवार के साथ साथ आस पास के लोग भी शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत करें। साथ ही जीवन में खुशियों का माहौल बना रहे।

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प्रदीप पांडेय ‘चिंटू’ ने हरयाणा के मुद्दे पर कहा की वह काफी गलत और वाहियाद किस्म का था, जिससे कई बेगुनाहों की जान मान की हानि हुई। इसका विरोध करते हुए उन्होंने कहा की ऐसा बिलकुल नहीं होने चाहिए। लोगो के बीच सन्देश के तौर पर चिंटू ने कहा की अगर ऐसा मौहाल आप सब के बीच भी होता हैं तो सबसे पहले आप अपने आप को रोकिये और गलत दिशा में ना भटकते हुए अपने परिवार की सुख शांति की तरफ ध्यान दीजिये।

चिंटू ने परिवार को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए दुसरो से पहले अपने परिवार की सुख शांति का दायित्व निभाना बताया। और अपने परिवार में रहने वाले सभी सदस्यों के सम्मान के साथ साथ सभी धर्मो के प्रति समान व्यक्तित्व रखना चाहिए। कलाकारों के प्रति सभी धर्म एक समान होता हैं क्योकि एक कलाकार की कोई जात या कोम नहीं होती, कलाकार तो निर्छल हैं।